महावीर दर्शनपरम्परा से प्रज्ञा की ओर

जइ जाणसि तो जंपहि

यदि जानते हो, तो बोलो

महावीर दर्शन

भगवान महावीर का दर्शन किसी संप्रदाय को जन्म देने के लिए नहीं, बल्कि मनुष्य की चेतना को मुक्त करने के लिए था। यह मंच जैन दर्शन के उस मौलिक और वैज्ञानिक स्वरूप को खोजने का संकल्प है, जो सदियों के आडंबरों के नीचे दब गया है। यहाँ हम प्राचीन सूत्रों को आधुनिक जीवन की कसौटी पर परखते हैं।

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पुस्तक · प्रकाशन प्रक्रिया में

महावीर : जीवन का विज्ञान

आत्मकल्याण से विश्वकल्याण तक की यात्रा

लेखक — विकास जैन

‘महावीर : जीवन का विज्ञान’ भगवान महावीर की पारंपरिक जीवनी अथवा किसी एक सम्प्रदाय का समर्थन-ग्रंथ नहीं है। यह पुस्तक उनके जीवन को मनुष्य की चेतना, निर्णय और आत्म-परिवर्तन की प्रयोगशाला के रूप में पढ़ती है।

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जैन दर्शन एवं विचार

क्षमा : दूसरे को नहीं, स्वयं को मुक्त करने की साधना

यदि शब्दों ने क्षमा माँग ली, किंतु अहंकार ने अपनी गलती स्वीकार नहीं की; यदि हमने सबको “मिच्छामि दुक्कडम्” या "उत्तम क्षमा" कहा, लेकिन किसी एक व्यक्ति का नाम आते ही भीतर क्रोध जाग उठा—तो क्षमापना अभी हमारे व्यवहार तक पहुँची है, चेतना तक नहीं।

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  • प्रकाशित लेख

    क्षमा

    यदि शब्दों ने क्षमा माँग ली, किंतु अहंकार ने अपनी गलती स्वीकार नहीं की; यदि हमने सबको “मिच्छामि दुक्कडम्” कहा, लेकिन किसी एक व्यक्ति का नाम आते ही भीतर क्रोध जाग उठा—तो क्षमापना अभी हमारे व्यवहार तक पहुँची है, चेतना तक नहीं।

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विषय

लेखक

विकास जैन, अपने लेखन में जैन दर्शन के मौलिक और वैज्ञानिक स्वरूप को सरल, तार्किक एवं समकालीन भाषा में प्रस्तुत करते हैं। जीवन के व्यावहारिक अनुभवों से जुड़ा उनका लेखन धर्म, मानवीय चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व के बीच सेतु बनाता है। उनका प्रयास नई पीढ़ी को धर्म के जीवनोपयोगी मर्म से जोड़ना है। प्रकाशित पुस्तक: महावीर : जीवन का विज्ञान—आत्मकल्याण से विश्वकल्याण तक की यात्रा।

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